न्यायिक शक्ति का प्रदर्शन ’’छ ग राज्य उपभोक्ता आयोग के 5 निर्णायक फैसले! CG State Commission Order.

छ ग राज्य उपभोक्ता आयोग

छ ग राज्य उपभोक्ता आयोग

संजीव कुमार राय विरुद्ध त्रिवेणी प्रिकास्ट (अपील क्र. FA/2024/428)

यह लेख छ ग राज्य उपभोक्ता आयोग, पंडरी, रायपुर द्वारा पारित एक महत्वपूर्ण आदेश से संबंधित है। इस मामले की सुनवाई आयोग के माननीय अध्यक्ष न्यायमूर्ति श्री गौतम चौरड़िया और माननीय सदस्य श्री प्रमोद कुमार वर्मा की पीठ द्वारा की गई थी।

Table of Contents

मुख्य तथ्य एवं पक्षकार

मामला क्रमांकः अपील क्रमांक FA/2024/428 (मूल परिवादः CC/2021/115

अपीलार्थी/परिवादीः संजीव कुमार राय (अधिवक्ताः श्री हरीश अग्रवाल)

उत्तरवादी/विरुद्ध पक्षकारः त्रिवेणी प्रिकास्ट (अधिवक्ताः श्री मनोज अग्रवाल)

राज्य आयोग आदेश दिनांकः 22.10.2025

जिला आयोग का आदेश – संजीव कुमार राय विरुद्ध त्रिवेणी प्रिकास्ट

परिवादी संजीव कुमार राय ने 5,50,000/- का भुगतान कर त्रिवेणी प्रिकास्ट से एक प्रीकास्ट कंपाउंड वॉल का निर्माण कराया था। परिवादी ने आरोप लगाया कि दीवार क्षतिग्रस्त हो गई, जो श्सेवा में कमीश् को दर्शाता है।

जिला उपभोक्ता आयोग (परिवाद क्रमांक CC/2021/115 ने अपने आदेश दिनांक 15.05.2024 को परिवाद को खारिज कर दिया था। इस आदेश को अपीलार्थी/परिवादी संजीव कुमार राय ने राज्य आयोग के समक्ष चुनौती दी थी।

संजीव कुमार राय विरुद्ध त्रिवेणी प्रिकास्ट – छ ग राज्य उपभोक्ता आयोग का निर्णय

छ ग राज्य उपभोक्ता आयोग ने पाया कि लोक निर्माण विभाग, बिलासपुर की जाँच रिपोर्ट में बाउंड्रीवाल के सैंपल की गुणवत्ता M20 कॉन्क्रीट के मानकों के अनुरूप पाई गई थी। आयोग ने यह भी नोट किया कि निर्माण के बाद सुरक्षा की जिम्मेदारी स्वयं परिवादी की थी, और कंपनी द्वारा कोई श्सेवा में कमीश् साबित नहीं हुई।

अतः माननीय सदस्य श्री प्रमोद कुमार वर्मा द्वारा लिखे गए आदेश में राज्य आयोग ने जिला आयोग के आदेश को बरकरार रखते हुए अपील क्रमांक थ्। FA/2024/428 को खारिज कर दिया।

छ.ग. राज्य उपभोक्ता आयोग रायपुर – श्रीराम ट्रांसपोर्ट फायनेंस कंपनी लिमिटेड विरूद्ध विजय सिंह

यह अपील श्रीराम ट्रांसपोर्ट फायनेंस कंपनी लिमिटेड व अन्य (अपीलार्थीगण/विरूद्ध पक्षकारगण) द्वारा विजय सिंह (उत्तरवादी/परिवादी) के विरुद्ध प्रस्तुत की गई थी. अपीलार्थीगण की ओर से श्री निमेश शुक्ला, अधिवक्ता  उपस्थित थे.

अपील की सुनवाई “माननीय न्यायमूर्ति श्री गौतम चौरड़िया, अध्यक्ष और माननीय श्री प्रमोद कुमार वर्मा, सदस्य” की बेंच द्वारा की गई.

यह अपील जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, कोरबा (छ.ग.) द्वारा पारित आदेश दिनांक 31.05.2024 के विरुद्ध थी, जिसमें परिवाद प्रकरण क्रमांक CC/21/69 में परिवादी विजय सिंह के परिवाद को आंशिक रूप से स्वीकार किया गया था. जिला आयोग ने अपीलार्थीगण को ऋण में उल्लेखित हायपोथिकेशन हटाकर एन. ओ. सी. (N.O.C.) प्रदान करने और 10,000/- आर्थिक क्षतिपूर्ति, 20,000/- मानसिक पीड़ा, तथा 5,000/- वाद व्यय अदा करने का आदेश दिया था.

छ ग राज्य उपभोक्ता आयोग ने पाया कि अपीलार्थीगण द्वारा वाहन जप्ती के बाद विक्रय पूर्व उत्तरवादी/परिवादी को सूचना दिए जाने संबंधी विधिक प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया और वाहन विक्रय पश्चात् शेष ऋण राशि का संयुक्त समायोजन न कर गंभीर त्रुटि की.

छ.ग. राज्य उपभोक्ता आयोग का निर्णय : श्रीराम ट्रांसपोर्ट फायनेंस कंपनी लिमिटेड विरूद्ध विजय सिंह

उपरोक्त विवेचना के फलस्वरूप, अपीलार्थीगण की अपील सारहीन होने से अपास्त (Dismissed) की गई, और जिला आयोग के आदेश दिनांक 31.05.2024 की पुष्टि की गई.

Volkswagan Raipur Vardha Projects (India) Pvt. Ltd. vs Deepika Soni – छ ग राज्य उपभोक्ता आयोग रायपुर

छ ग राज्य उपभोक्ता आयोग, रायपुर ने 30 अक्टूबर 2025 को एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया । यह आदेश रायपुर जिला आयोग के प्रकरण क्रमांक CC/2015/100 के विरुद्ध दायर दो अपीलों (FA/2024/553 और FA/2024/578) पर आधारित था। न्यायपीठ में माननीय न्यायमूर्ति गौतम चौरड़िया (अध्यक्ष) और माननीय श्री प्रमोद कुमार वर्मा (सदस्य) शामिल थे । आदेश माननीय सदस्य श्री प्रमोद कुमार वर्मा द्वारा लिखा गया ।

यह मामला श्रीमती दीपिका सोनी (परिवादिनी) के पति, स्वर्गीय श्री किशोर सोनी द्वारा Volkswagan Raipur Vardha Projects (India) Pvt. Ltd. डीलर से क्रय की गई Vento 1.6 Diesel कार (कीमत ₹8,17,508/-) से जुड़ा है । कार डिलीवरी के मात्र 16 दिन बाद 18.11.2010 को दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जिससे श्री सोनी की मृत्यु हो गई । आयोग ने पाया कि डीलर ने रजिस्ट्रेशन शुल्क लेने के बावजूद वाहन का पंजीयन नहीं कराया, जिसे ‘सेवा में कमी’ माना गया ।

जिला आयोग के आदेश (31.07.2024) का सार: जिला आयोग ने Volkswagen पर अनुचित व्यापार के लिए ₹1,00,000/- और RTO शुल्क ₹46,574/- का जुर्माना, जबकि Bajaj Allianz General Insurance Co. Ltd. पर PA क्लेम ₹2,00,000/-, वाहन मूल्य ₹5,00,000/-, और मानसिक कष्ट के लिए ₹50,000/- का जुर्माना लगाया था ।

छ ग राज्य उपभोक्ता आयोग: Volkswagan Raipur Vardha Projects (India) Pvt. Ltd. vs Deepika Soni

छ ग राज्य उपभोक्ता आयोग ने अपीलों को आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए , Volkswagen को वाहन क्षति के लिए ₹5,00,000/- और अनुचित व्यापार के लिए ₹1,00,000/- (कुल ₹6,00,000/- + ब्याज) देने का आदेश दिया। साथ ही, Bajaj Allianz को PA क्लेम ₹2,00,000/- और मानसिक कष्ट के लिए ₹50,000/- (कुल ₹2,50,000/- + ब्याज) देने का निर्देश दिया । दोनों विपक्षी दलों को ₹10,000/- प्रत्येक वाद व्यय भी देना होगा ।

छ ग राज्य उपभोक्ता आयोग रायपुर – रोशन कुमार मिश्रा विरुद्ध गो आई.बी.आई.बी.ओ (इंडिया) प्राईवेट लिमिटेड

उपभोक्ता अधिकार की जीत: Goibibo को यात्री को वापस करनी होगी पूरी रकम

छ ग राज्य उपभोक्ता आयोग, रायपुर ने 24/10/2025 को एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया। यह आदेश अंबिकापुर जिला आयोग के प्रकरण क्रमांक C.C./2023/38 के विरुद्ध दायर अपील FA/24/591 पर आधारित था, जिसे आयोग ने आंशिक रूप से स्वीकार (Partly Allowed) किया ।

न्यायपीठ: आयोग की न्यायपीठ में “माननीय न्यायमूर्ति श्री गौतम चौरड़िया (अध्यक्ष) और माननीय श्री प्रमोद कुमार वर्मा (सदस्य)” शामिल थे। आदेश सदस्य श्री प्रमोद कुमार वर्मा द्वारा पारित किया गया ।

मामले के मुख्य तथ्य: परिवादी रोशन कुमार मिश्रा ने 30.04.2023 को अपीलार्थी गो आई.बी.आई.बी.ओ (इंडिया) प्राईवेट लिमिटेड (अब मेक माई ट्रीप इंडिया प्राईवेट लिमिटेड) के माध्यम से Go Air Lines (India) Pvt. Ltd. (Go First) का गोवा से “बॉम्बे का टिकट ₹17,912/- “में बुक कराया था। 03.05.2023 की यह फ्लाइट गो फर्स्ट द्वारा 02.05.2023 को दिवालिया घोषित होने के कारण रद्द कर दी गई । GOIBIBO ने ₹16,716/- रिफंड का वादा किया पर भुगतान नहीं किया, जिसे ‘सेवा में कमी’ माना गया ।

“जिला आयोग (अंबिकापुर) का आदेश (11.06.2024)” का सार: जिला आयोग ने दोनों विपक्षी दलों को संयुक्त रूप से ₹16,716/- रिफंड (6% ब्याज सहित), ₹5,000/- मानसिक क्षति और ₹3,000/- वाद व्यय देने का आदेश दिया था ।

छ ग राज्य उपभोक्ता आयोग का अंतिम निर्णय: रोशन कुमार मिश्रा विरुद्ध गो आई.बी.आई.बी.ओ

राज्य आयोग ने संशोधित आदेश में कहा कि GOIBIBO/Make My Trip 45 दिनों के भीतर परिवादी को “₹16,716/- रिफंड (6% ब्याज सहित), ₹5,000/- मानसिक क्षतिपूर्ति और ₹3,000/- वाद व्यय (कुल ₹8,000/-“ अतिरिक्त) का भुगतान करेगा । GOIBIBO, यह भुगतान करने के बाद, Go Air Lines से संपूर्ण राशि वसूल कर सकेगा ।

श्रीमती बसंती खेस व अन्य विरूद्ध शाखा प्रबंधक, भारतीय जीवन बीमा निगम व अन्य

छत्तीसगढ़ राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, पंडरी, रायपुर ने अपील क्रमांक: FA/2024/607 में दिनांक 08.10.2025 को अपना आदेश सुनाया, जिसमें शाखा प्रबंधक, भारतीय जीवन बीमा निगम (B.M., Bhartiya Jeevan Beema Nigam) एवं अन्य की अपील श्रीमती बसंती खेस के विरुद्ध स्वीकार कर ली गई है ।


मामले के प्रमुख तथ्य

  • यह अपील जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, सूरजपुर द्वारा परिवाद प्रकरण क्रमांक-सीसी/2023/13 (दिनेश कुमार खेस विरूद्ध शाखा प्रबंधक, भारतीय जीवन बीमा निगम व अन्य) में पारित आदेश दिनांक 14.08.2024 के विरुद्ध दायर की गई थी ।
  • जिला आयोग ने शिकायतकर्ता (मूल परिवादी स्व. दिनेश कुमार खेस, जिनकी मृत्यु के बाद उनके वारिसान पक्षकार बने ) के परिवाद को आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए भारतीय जीवन बीमा निगम (विरूद्ध पक्षकार क्र.-1) को ₹3,55,733/- (तीन लाख पचपन हजार सात सौ तैंतीस रुपये) बकाया रकम, 13.07.2023 से भुगतान दिनांक तक 6% वार्षिक साधारण ब्याज, और वाद व्यय के रूप में ₹5,000/- अदा करने का आदेश दिया था ।
  • स्व. दिनेश कुमार खेस ने 15.07.2021 को जीवन अक्षय पॉलिसी क्रमांक-368794392 क्रय की थी, जिसमें उन्होंने ₹9,90,000/- एकमुश्त जमा किया था ।
  • इलाज के लिए पैसे की ज़रूरत होने पर, परिवादी ने पॉलिसी सरेंडर करने का निवेदन किया । बीमा कंपनी ने पॉलिसी की शर्तों के अनुसार तत्कालीन सरेन्डर वैल्यू (₹6,34,619/-) का आकलन किया । इसमें से दिए गए पेंशन (₹74,483/-) और बीमित द्वारा लिए गए ऋण की राशि (₹2,67,000/-) को समायोजित करते हुए ₹3,67,267/- का भुगतान कर दिया गया था ।
  • बीमा निगम का तर्क था कि उन्होंने पॉलिसी की शर्तों के तहत नियमानुसार भुगतान किया है और सेवा में कोई कमी नहीं की है ।

छ ग राज्य उपभोक्ता आयोग अंतिम निर्णय : श्रीमती बसंती खेस व अन्य विरूद्ध शाखा प्रबंधक भारतीय जीवन बीमा निगम व अन्य

माननीय आयोग ने पाया कि जिला आयोग ने तथ्यों की अनदेखी कर त्रुटिपूर्ण आदेश पारित किया था । “माननीय न्यायमूर्ति श्री गौतम चौरड़िया (अध्यक्ष) और माननीय श्री प्रमोद कुमार वर्मा (सदस्य)” की पीठ ने बीमा निगम की अपील स्वीकार करते हुए, जिला आयोग द्वारा पारित आदेश दिनांक 14.08.2024 को अपास्त कर दिया ।

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