’’जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, बिलासपुर (छत्तीसगढ़)’’ द्वारा उपभोक्ता अधिकार और न्याय सुलभ कराने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की गई है ’“न्याय आपके द्वार” अभियान के माध्यम से। इसका उद्देश्य है कि उपभोक्ता अपने अधिकारों को समझें, उनका प्रयोग करें और किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी या गलत व्यापारिक व्यवहार के खिलाफ आवाज उठाएं।

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उपभोक्ता क्या उम्मीद करता है?
जब कोई उपभोक्ता वस्तु या सेवा खरीदता है, तो वह कुछ बुनियादी अपेक्षाएँ रखता है-
1. उचित कीमत
2. सही वजन और माप
3. गुणवत्तापूर्ण उत्पाद
4. प्रमाणित (असली) वस्तुएँ
5. बिक्री और प्रचार में नैतिकता
6. सही और संपूर्ण जानकारी
इन सभी बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए उपभोक्ता अपने पैसे के बदले उचित मूल्य और संतोषजनक सेवा की उम्मीद करता है।
उपभोक्ता अधिकार क्या है ? Consumer Protection Act 2019
भारत सरकार ने (Consumer Protection Act 2019) उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के तहत प्रत्येक उपभोक्ता को कुछ मूलभूत अधिकार दिए हैं ताकि उनका शोषण न हो सके- आइए एक-एक करके समझते हैं।
उपभोक्ता के 6 मुख्य अधिकार, Consumer Rights in India (Consumer Protection Act of 2019)
1. सुरक्षा का अधिकार (Right to Sefety)
इसका अर्थ है कि उपभोक्ता को ऐसे उत्पादों और सेवाओं से सुरक्षा मिलनी चाहिए जो उसके स्वास्थ्य या जीवन को नुकसान पहुँचा सकते हैं।
उदाहरण के लिए – खराब इलेक्ट्रॉनिक सामान, मिलावटी खाद्य पदार्थ, या असुरक्षित दवाइयाँ उपभोक्ता के जीवन के लिए हानिकारक हो सकती हैं। इसलिए उपभोक्ता को सुरक्षित और प्रमाणित वस्तु खरीदने का अधिकार है।
2. सूचना प्राप्त करने का अधिकार (Right to be Informed)
हर उपभोक्ता को वस्तु या सेवा के बारे में सही जानकारी मिलनी चाहिए – जैसे उसकी गुणवत्ता, मात्रा, मूल्य, निर्माण तिथि, समाप्ति तिथि, निर्माता का नाम आदि। इससे उपभोक्ता गलत जानकारी के आधार पर निर्णय लेने से बच सकता है।
3. चयन करने का अधिकार (Right to Choose
उपभोक्ता को यह स्वतंत्रता है कि वह विभिन्न उत्पादों या सेवाओं में से अपनी पसंद का चयन कर सके।
किसी भी कंपनी या विक्रेता को उपभोक्ता पर कोई उत्पाद जबरन थोपने का अधिकार नहीं है।
4. सुने जाने का अधिकार ( Right to Heard)
यदि किसी उपभोक्ता के साथ अन्याय हुआ है, तो उसे अपनी शिकायत दर्ज करने और उचित सुनवाई पाने का अधिकार है।
उपभोक्ता आयोग, हेल्पलाइन या ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से शिकायत की जा सकती है।
5. निवारण पाने का अधिकार (Right to Redress)
उपभोक्ता को अपनी शिकायत का समाधान पाने का अधिकार है।
यदि उसे कोई खराब वस्तु या गलत सेवा मिली है, तो वह मुआवजा या प्रतिस्थापन की मांग कर सकता है।
6. उपभोक्ता शिक्षा का अधिकार (Right to Consumer Education)
उपभोक्ता को यह जानने का अधिकार है कि उसके अधिकार क्या हैं और वह उनका प्रयोग कैसे कर सकता है।
“जागो ग्राहक जागो अभियान” इसी दिशा में चलाया गया एक प्रभावी कदम है।
💻 ई-फाइलिंग और ई-हियरिंग की सुविधा
अब उपभोक्ताओं को न्याय के लिए लंबे चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं है। ’’उपभोक्ता आयोगों में शिकायतें ऑनलाइन दर्ज की जा सकती हैं और सुनवाई भी ’’वीडियो कॉन्फ्रेंस (E Hearing) के माध्यम से संभव है। इससे समय और पैसे दोनों की बचत होती है। उपभोक्ता अपनी शिकायत घर बैठे वेबसाइट या मोबाइल e-jagriti पोर्टल के माध्यम से दर्ज कर सकता है।
शिकायत कैसे दर्ज करें?
1. “ऑनलाइन पोर्टल पर जाएं’’ e-jagriti.gov.in
2. ’’लॉगिन करें या नया खाता बनाएं’’
3. ’’शिकायत का विवरण दर्ज करें’’ जैसे उत्पाद, कंपनी, बिल नंबर, शिकायत का विषय आदि
4. ’’साक्ष्य (Evidence)अपलोड करें’’ बिल, फोटो, रसीद आदि
5. ’’ऑनलाइन शुल्क जमा करें’’ (यदि लागू हो)
6. ’’रजिस्ट्रेशन के बाद ट्रैकिंग आईडी प्राप्त करें’’

शिकायत निवारण की सीमा
उपभोक्ता आयोगों में शिकायत की राशि के अनुसार स्तर निर्धारित किए गए हैं
| आयोग का स्तर | शिकायत मूल्य सीमा | सुनवाई स्थान |
| जिला आयोग | 50 लाख तक | जिला उपभोक्ता आयोग |
| राज्य आयोग | 50 लाख से क.अधिक और 2 करोड़ तक | राज्य उपभोक्ता आयोग |
| राष्ट्रीय आयोग | 2 करोड़ से अधिक | राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोग, नई दिल्ली |
📞 उपभोक्ता हेल्पलाइन नंबर
1800-11-4000 or 1915
Whatsapp Helpline No 91-8800001915
किसी भी प्रकार की सहायता या मार्गदर्शन के लिए उपभोक्ता ’’राष्ट्रीय हेल्पलाइन’’ पर संपर्क कर सकते हैं
यह हेल्पलाइन सुबह 9 30 बजे से शाम 5 30 बजे तक सक्रिय रहती है।
उपभोक्ताओं के लिए उपयोगी सुझाव
1. हमेशा ’’बिल या रसीद’’ लें।
2. उत्पाद पर “MRP” निर्माण तिथि, ब्रांड और वारंटी’’ जांचें।
3. किसी भी धोखाधड़ी की स्थिति में तुरंत ’’लिखित शिकायत’’ करें।
4. ऑनलाइन खरीदारी के लिए Return/Refund Policy अवश्य पढ़ें।
5. ’’फर्जी कॉल या ईमेल से सावधान रहें’’ जो उपहार या लॉटरी का झांसा देते हैं।
उपभोक्ता आयोग का उद्देश्य
“न्याय आपके द्वार” इस अभियान का मुख्य लक्ष्य है हर उपभोक्ता को उसके अधिकारों की जानकारी देना और उसे न्याय तक पहुंचाना।” उपभोक्ता आयोग का मानना है कि यदि हर व्यक्ति अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होगा, तो समाज में पारदर्शिता और निष्पक्षता बढ़ेगी। यह न केवल उपभोक्ता के हित में है बल्कि देश के आर्थिक विकास में भी योगदान देता है।
निष्कर्ष
“न्याय आपके द्वार” अभियान उपभोक्त सशक्तिकरण की दिशा में एक सराहनीय पहल है। इससे आम नागरिक को न्याय पाने के लिए सरल और सुलभ मार्ग मिला है। उपभोक्ताओं को चाहिए कि वे अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहें, शिकायत दर्ज करने से न डरें और “जागो ग्राहक जागो” के संदेश को आगे बढ़ाएं। यदि आपके साथ किसी वस्तु या सेवा में धोखाधड़ी हुई है, तो आज ही अपनी शिकायत दर्ज करें e-jagriti.gov.in पर जाएं या “Consumer Helpline No 1800-11-4000 / 1915’’ पर कॉल करें।
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