Dr. Swapan Kumar Dutta Vs JD Autonation : नई गाडी में खराबी आने पर क्या करे ? जब नई गाड़ी सपनो से हकीकत तक आती है
भारत में हर साल लगभग 45 लाख नई कारें और करीब 1.5 करोड़ दोपहिया वाहन बिकते हैं। हर उपभोक्ता अपनी गाड़ी से जुड़ी उम्मीदें रखता है जैसे- सुरक्षा, परफारमेंस, और भरोसेमंद सर्विस आदि।लेकिन कई बार यही सपने तब टूट जाते हैं जब गाडी कुछ ही महीनों मे खराब हो जाती है या कंपनी वारंटी क्लेम को टाल देती है।
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हर साल लगभग 100 में से 22 उपभोक्ता ने किसी न किसी रूप मे ऑटोमोबाईल डीलर या कंपनी से धोखा खाने की शिकायत करते है।

भारत में आटोमोबाइल सेक्टर से जुडी Car Defect Compaint
| क्रमांक | शिकायत का प्रकार | औसत प्रतिशत (%) | उदाहरण |
| 1 | नई गाडी में निर्माण दोष | 23% | इंजन/बैटरी समस्या |
| 2 | वारंटी क्लेम रिजेक्शन | 19% | मान्य नही है कहकर कंपनी इंकार किया |
| 3 | सर्विस सेंटर द्वज्ञरा गलत बिलिंग | 14% | पार्ट बदले बिना चार्ज लगाना |
| 4 | रिपेयर में देरी | 11% | 1 हफ्ते का काम 1 महिने में पूरा |
| 5 | इंश्योरेंस क्लेम में लापरवाही | 10% | Survey pending कहकर भुगतान टाला |
| 6 | कस्टमर सपोर्ट की असभ्यता | 23% | शिकायत कोई जवाब नहीं |
Dr. Swapan Kumar Dutta Vs JD Autonation: Bilaspur Judgement 2025 : (Car Defect Compaint)
Dr- Swapan Kumar Dutta Vs JD Autonation
डॉ. दत्ता ने जनवरी 2025 में Tata Punch EV खरीदी थी। कुछ ही दिनों में गाड़ी की बैटरी चार्ज नहीं हो रही थी, साथ ही सॉफ्टवेयर बार-बार क्रैश हो रहा था। कंपनी ने “अपडेट” का बहाना बनाकर महीनों निकाल दिए। अंततः डॉ. दत्ता ने Consumer Court में शिकायत दर्ज की।
आयोग का निर्णय

कंपनी एवं डीलर उपभोक्ता को ₹1,50,000 मुआवज़ा तथा नई गाड़ी प्रदान करें। साथ ही 10,000 कानूनी खर्च भी दें।”
यह फैसला साबित करता है कि अगर उपभोक्ता हिम्मत दिखाए, तो न्याय निश्चित है।
ऑटोमोबाइल सेक्टर में उपभोक्ता अधिकार (Consumer Rights for Vehicle Owners)
अधिकार विवरण
1 सुरक्षा का अधिकार – उपभोक्ता को सुरक्षित और दोषरहित वाहन मिलना चाहिए।
2 जानकारी का अधिकार – गाड़ी की पूरी तकनीकी जानकारी, वारंटी शर्तें और सर्विस डिटेल दी जानी चाहिए।
3 शिकायत का अधिकार – किसी भी समस्या पर डीलर या कंपनी से शिकायत करने और समाधान पाने का अधिकार।
4 मुआवज़ा पाने का अधिकार – अगर नुकसान या मानसिक कष्ट हुआ है, तो उपभोक्ता को मुआवज़ा मिलना चाहिए।
5 न्याय पाने का अधिकार जिला, राज्य या राष्ट्रीय आयोग में केस दायर किया जा सकता है।
Know Your Rights 👉 उपभोक्ता के 6 मुख्य अधिकार, Consumer Rights in India (Consumer Protection Act of 2019)
कैसे करें ऑटोमोबाइल शिकायत दर्ज? (Step by Step Process दृश्य जानने के लिए यह पढ़ें
👉 उपभोक्ता आयोग में शिकायत कैसे करें ? E-Jagriti Portal Guid)
- कंपनी या डीलर को लिखित शिकायत भेजें ईमेल और रजिस्टर्ड पोस्ट दोनों से।
- 15 दिन का समय दें जवाब या समाधान के लिए।
- अगर जवाब न मिले तो e-jagriti.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।
- साक्ष्य जोड़ें
- बिल, सर्विस रिकॉर्ड, वारंटी कार्ड
- वीडियो/फोटो प्रमाण
- ईमेल या चौट रिकॉर्ड
- शिकायत का प्रकार चुनें
- निर्माण दोष
- वारंटी विवाद
- सेवा में लापरवाही
- वित्तीय नुकसान
केस से सीख उपभोक्ता को जागरूक क्यों रहना चाहिए
कंपनी हमेशा अपनी विक्रय नीति (Sales Policy) को प्राथमिकता देती है। उपभोक्ता अगर चुप रहता है, तो शिकायतें कभी रिकॉर्ड नहीं होतीं। छोटी-छोटी लापरवाहियाँ (जैसे सर्विस बुक पर साइन न लेना) बड़े केस में समस्या बन जाती हैं।
Consumer Jagriti – Advice:
आपका हर दस्तावेज, हर ईमेल आपके हक़ का सबूत है। इन्हें सुरक्षित रखें।
Consumer Protection Act 2019 के तहत मिलने वाले उपाय
प्रकार विवरण
Section 2(10) Defect की परिभाषा कृ किसी वस्तु में गुणवत्ता या प्रदर्शन में कमी।
Section 14 आयोग को अधिकार है कि वह रिफंड, रिप्लेसमेंट या मुआवज़ा आदेश दे।
Section 34-38 जिला आयोग की शक्तियाँ और प्रक्रिया।
Section 49 राज्य आयोग में अपील का अधिकार।
Section 58 राष्ट्रीय आयोग के निर्णयों की अंतिमता।
कहाँ करें संपर्क?
संस्था – संपर्क विवरण
राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन – 1915
ईमेल – consumerffaairs@gov.in
पोर्टल – e-jagriti.gov.in
Consumer Jagriti Tips वाहन खरीदने से पहले ध्यान दें
क्रमांक सुझाव
1 – हमेशा डीलर का विक्रय बिल जांचें।
2 – Zero Depreciation पॉलिसी का चयन करें।
3 – Test Report लें और हस्ताक्षर करवाएँ।
4 – गाड़ी की डिलीवरी के समय वीडियो बनाएं।
5 – सभी दस्तावेज डिजिटल रूप में सुरक्षित रखें।
निष्कर्षर : जागरूक उपभोक्ता ही सशक्त उपभोक्ता
ऑटोमोबाइल सेक्टर में उपभोक्ता अधिकारों का दुरुपयोग लगातार देखा जा रहा है, लेकिन अब हालात बदल रहे हैं।Consumer Jagriti जैसी पहलें देशभर में लोगों को उनके अधिकारों की जानकारी दे रही हैं। अगर हर नागरिक अपने अधिकारों के लिए आवाज़ उठाएगा, तो कंपनियों को पारदर्शी और जिम्मेदार बनना ही पड़ेगा। “न्याय हमेशा उन्हीं को मिलता है, जो उसे पाने की हिम्मत रखते हैं।”